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mahabharat 7.145.73: उस बाण को बड़े वेग से आते देख अश्वत्थामा ने एक तीक्ष्ण अर्धचन्द्राकार बाण से उसे बीच से काट डाला। कटकर वह पृथ्वी पर गिर पड़ा।   |   mahabharat अध्याय 7.145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध  »  श्लोक 73
 
 
श्लोक  7.145.73 
तमापतन्तं वेगेन द्रौणिश्चिच्छेद सायकम्।
अर्धचन्द्रेण तीक्ष्णेन स च्छिन्न: प्रापतद् भुवि॥ ७३॥
 
 
अनुवाद
उस बाण को बड़े वेग से आते देख अश्वत्थामा ने एक तीक्ष्ण अर्धचन्द्राकार बाण से उसे बीच से काट डाला। कटकर वह पृथ्वी पर गिर पड़ा।
 
Seeing that arrow coming with great speed, Ashvatthama cut it in the middle with a sharp half-moon. After being cut, it fell on the earth.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)