Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.145.55-56h: अर्जुन को लक्ष्य करके वह बार-बार गर्जना करने लगा, उसे बार-बार बाणों से बींधने लगा तथा अपने धनुष को सब ओर से हिलाकर उसे आगे बढ़ने से रोकने लगा। | mahabharat अध्याय 7.145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
त एनमभिगर्जन्तो विध्यन्तश्च पुन: पुन:॥ ५५॥
विधुन्वतश्च चापानि सर्वत: प्रत्यवारयन्।
अनुवाद
अर्जुन को लक्ष्य करके वह बार-बार गर्जना करने लगा, उसे बार-बार बाणों से बींधने लगा तथा अपने धनुष को सब ओर से हिलाकर उसे आगे बढ़ने से रोकने लगा।
Aiming at Arjuna, he roared again and again, pierced him with arrows again and again, and shook his bow from all sides, preventing him from advancing further. 55 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥