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mahabharat 7.145.54-55h: अश्वत्थामा ने अर्जुन को पच्चीस बाणों से, वृषसेन को सात बाणों से, दुर्योधन को बीस बाणों से तथा कर्ण और शल्य को तीन-तीन बाणों से घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध  »  श्लोक 54-55h
 
 
श्लोक  7.145.54-55h 
तं द्रौणि: पञ्चविंशत्या वृषसेनश्च सप्तभि:॥ ५४॥
दुर्योधनस्तु विंशत्या कर्णशल्यौ त्रिभिस्त्रिभि:।
 
 
अनुवाद
अश्वत्थामा ने अर्जुन को पच्चीस बाणों से, वृषसेन को सात बाणों से, दुर्योधन को बीस बाणों से तथा कर्ण और शल्य को तीन-तीन बाणों से घायल कर दिया।
 
Ashvatthama injured Arjun with twenty-five arrows, Vrishasena with seven, Duryodhana with twenty and Karna and Shalya with three arrows each. 54 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)