Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.145.52-53h: तत्पश्चात् वहाँ वीर कुन्तीकुमार की भुजाओं का बल देखा गया। उनके गाण्डीव धनुष और बाणों की अविनाशीता की जानकारी प्राप्त हुई। 52 1/2॥ | mahabharat अध्याय 7.145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत: पार्थस्य शूरस्य बाह्वोर्बलमदृश्यत॥ ५२॥
इषूणामक्षयत्वं च धनुषो गाण्डिवस्य च।
अनुवाद
तत्पश्चात् वहाँ वीर कुन्तीकुमार की भुजाओं का बल देखा गया। उनके गाण्डीव धनुष और बाणों की अविनाशीता की जानकारी प्राप्त हुई। 52 1/2॥
After that, the strength of the arms of the brave Kuntikumar was seen there. Got information about the indestructibility of his Gandiva bow and arrows. 52 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥