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mahabharat 7.145.51-52h: आपके पुत्र की आज्ञा से वह धनुष खींचकर और बाण चलाकर जयद्रथ की सब ओर से रक्षा करने लगा।   |   mahabharat अध्याय 7.145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध  »  श्लोक 51-52h
 
 
श्लोक  7.145.51-52h 
विस्फारयन्तश्चापानि विसृजन्तश्च सायकान्॥ ५१॥
सैन्धवं पर्यरक्षन्त शासनात् तनयस्य ते।
 
 
अनुवाद
आपके पुत्र की आज्ञा से वह धनुष खींचकर और बाण चलाकर जयद्रथ की सब ओर से रक्षा करने लगा।
 
By your son's command, he began to protect Jayadratha from all sides by drawing the bow and shooting the arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)