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mahabharat 7.145.46-47h: उन कौरव सैनिकों ने सर्पों के समान शरीर वाली भुजाओं से धनुष को झुकाकर सूर्य की किरणों के समान तेजस्वी सैकड़ों बाण अर्जुन पर छोड़े।   |   mahabharat अध्याय 7.145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध  »  श्लोक 46-47h
 
 
श्लोक  7.145.46-47h 
ते भुजैर्भोगिभोगाभैर्धनूंष्यानम्य सायकान्॥ ४६॥
मुमुचु: सूर्यरश्म्याभान् शतश: फाल्गुनं प्रति।
 
 
अनुवाद
उन कौरव सैनिकों ने सर्पों के समान शरीर वाली भुजाओं से धनुष को झुकाकर सूर्य की किरणों के समान तेजस्वी सैकड़ों बाण अर्जुन पर छोड़े।
 
Those Kaurava soldiers, bowing their bows with their arms which appeared like the bodies of serpents, shot hundreds of arrows, bright as the rays of the sun, at Arjuna.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)