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mahabharat 7.145.33-34h: जब कर्ण और दुर्योधन युद्धभूमि में इस प्रकार वार्तालाप कर रहे थे, उसी समय अर्जुन ने अपने तीखे बाणों से आपकी सेना का विनाश करना आरम्भ कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध  »  श्लोक 33-34h
 
 
श्लोक  7.145.33-34h 
कर्णकौरवयोरेवं रणे सम्भाषमाणयो:॥ ३३॥
अर्जुनो निशितैर्बाणैर्जघान तव वाहिनीम्।
 
 
अनुवाद
जब कर्ण और दुर्योधन युद्धभूमि में इस प्रकार वार्तालाप कर रहे थे, उसी समय अर्जुन ने अपने तीखे बाणों से आपकी सेना का विनाश करना आरम्भ कर दिया।
 
While Karna and Duryodhana were conversing like this on the battlefield, Arjuna began destroying your army with his sharp arrows. 33 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)