Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.145.21: मैं, दु:शासन और अश्वत्थामा द्वारा रक्षित सिंधुराज जयद्रथ को अर्जुन कैसे प्राप्त कर सकेंगे? ऐसा प्रतीत होता है कि वे काल द्वारा प्रेरित हो रहे हैं। | mahabharat अध्याय 7.145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
द्रौणिना रक्ष्यमाणं च मया दु:शासनेन च।
कथं प्राप्स्यति बीभत्सु: सैन्धवं कालचोदित:॥ २१॥
अनुवाद
मैं, दु:शासन और अश्वत्थामा द्वारा रक्षित सिंधुराज जयद्रथ को अर्जुन कैसे प्राप्त कर सकेंगे? ऐसा प्रतीत होता है कि वे काल द्वारा प्रेरित हो रहे हैं।
How will Arjun be able to get Jayadratha, the king of Sindhus, who is being protected by me, Dushasan and Ashwatthama? It seems that they are being inspired by time.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥