Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.145.20: ‘मद्रराज शल्य और महाबुद्धिमान कृपाचार्य द्वारा रक्षित जयद्रथ को अर्जुन रणभूमि की देहरी पर कैसे मार सकेंगे?॥ 20॥ | mahabharat अध्याय 7.145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
रक्षितं मद्रराजेन कृपेण च महात्मना।
जयद्रथं रणमुखे कथं हन्याद् धनंजय:॥ २०॥
अनुवाद
‘मद्रराज शल्य और महाबुद्धिमान कृपाचार्य द्वारा रक्षित जयद्रथ को अर्जुन रणभूमि की देहरी पर कैसे मार सकेंगे?॥ 20॥
‘How will Arjun be able to kill Jaydratha, who is protected by Madra king Shalya and the great-minded Kripacharya, on the threshold of the battle field?॥ 20॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥