Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.145.17: माननीय! राक्षस के प्रहार से अर्जुन का मन व्याकुल हो गया था। इसीलिए उचित-अनुचित का विचार किए बिना ही उन्होंने युद्धभूमि में जयद्रथ का वध करने की प्रतिज्ञा कर ली। | mahabharat अध्याय 7.145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
माननीय! राक्षस के प्रहार से अर्जुन का मन व्याकुल हो गया था। इसीलिए उचित-अनुचित का विचार किए बिना ही उन्होंने युद्धभूमि में जयद्रथ का वध करने की प्रतिज्ञा कर ली।
Honourable! Arjuna's mind had become disturbed due to the demon's blow. That is why without thinking about what was right and what was wrong, he took a vow to kill Jayadratha on the battlefield.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥