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mahabharat 7.145.16: हे कान! पाण्डवों के नाश के पश्चात् हम लोग पर्वतों, वनों और वनों सहित इस पावन वसुधा के राज्य का उपभोग करेंगे। 16॥   |   mahabharat अध्याय 7.145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  7.145.16 
विनष्टै: पाण्डवेयैश्च सशैलवनकाननाम्।
वसुंधरामिमां कर्ण भोक्ष्यामो हतकण्टकाम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
हे कान! पाण्डवों के नाश के पश्चात् हम लोग पर्वतों, वनों और वनों सहित इस पावन वसुधा के राज्य का उपभोग करेंगे। 16॥
 
Ear! After the destruction of the Pandavas, we will enjoy the kingdom of this pure Vasudha along with mountains, forests and forests. 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)