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mahabharat 7.145.14: यदि सिंधुराज सूर्यास्त तक सुरक्षित रहे तो अर्जुन अग्नि में प्रवेश कर जाएगा क्योंकि उसकी प्रतिज्ञा झूठी थी ॥14॥   |   mahabharat अध्याय 7.145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  7.145.14 
सैन्धवे रक्ष्यमाणे तु सूर्यस्यास्तमनं प्रति।
मिथ्याप्रतिज्ञ: कौन्तेय: प्रवेक्ष्यति हुताशनम्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
यदि सिंधुराज सूर्यास्त तक सुरक्षित रहे तो अर्जुन अग्नि में प्रवेश कर जाएगा क्योंकि उसकी प्रतिज्ञा झूठी थी ॥14॥
 
If Sindhuraj remains safe till sunset, Arjun will enter the fire because his vow was false. 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)