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mahabharat 7.145.13: नरवीर! अब दिन का थोड़ा ही भाग शेष रह गया है। तुम अपने बाणों से शत्रु को पीड़ा पहुँचाओ और उसके कार्य में बाधा डालो। हे मनुष्यलोक के वीर कर्ण! दिन समाप्त होने पर हम अवश्य विजयी होंगे॥13॥   |   mahabharat अध्याय 7.145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  7.145.13 
अल्पावशेषो दिवसो नृवीर
विघातयस्वाद्य रिपुं शरौघै:।
दिनक्षयं प्राप्य नरप्रवीर
ध्रुवो हि न: कर्ण जयो भविष्यति॥ १३॥
 
 
अनुवाद
नरवीर! अब दिन का थोड़ा ही भाग शेष रह गया है। तुम अपने बाणों से शत्रु को पीड़ा पहुँचाओ और उसके कार्य में बाधा डालो। हे मनुष्यलोक के वीर कर्ण! दिन समाप्त होने पर हम अवश्य विजयी होंगे॥13॥
 
‘Narveer! Only a little part of the day is remaining now. You should hurt the enemy with your arrows and obstruct his work. O brave Karna of the world of humans! We will certainly be victorious when the day ends.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)