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mahabharat 7.145.10: अपने सामने सिन्धुर नरेश को उपस्थित देखकर अर्जुन ने क्रोध से भरी हुई आँखों से उनकी ओर देखा, मानो वे उन्हें जलाकर भस्म कर देंगे।   |   mahabharat अध्याय 7.145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  7.145.10 
समासाद्य च बीभत्सु: सैन्धवं समुपस्थितम्।
नेत्राभ्यां क्रोधदीप्ताभ्यां सम्प्रैक्षन्निर्दहन्निव॥ १०॥
 
 
अनुवाद
अपने सामने सिन्धुर नरेश को उपस्थित देखकर अर्जुन ने क्रोध से भरी हुई आँखों से उनकी ओर देखा, मानो वे उन्हें जलाकर भस्म कर देंगे।
 
Seeing the King of Sindhuras present there in front of him, Arjuna looked at him with eyes blazing with anger, as if he would burn him to ashes.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)