श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 144: सात्यकिके भूरिश्रवाद्वारा अपमानित होनेका कारण तथा वृष्णिवंशी वीरोंकी प्रशंसा  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  7.144.3 
संजय उवाच
शृणु राजन्निहोत्पत्तिं शैनेयस्य यथा पुरा।
यथा च भूरिश्रवसो यत्र ते संशयो नृप॥ ३॥
 
 
अनुवाद
संजय बोले: हे राजन! जिस विषय में आपको संदेह है, उसे स्पष्ट रूप से समझने के लिए पूर्वकाल में सात्यकि और भूरिश्रवा के जन्म की कथा सुनिए।
 
Sanjaya said: O King! In order to clearly understand the matter about which you have doubts, listen to the story of how Satyaki and Bhurishrava were born in the past.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)