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mahabharat 7.144.19: उसी वरदान के प्रभाव से सोमदत्त को प्रचुर दक्षिणा देने वाला भूरिश्रवा पुत्र प्राप्त हुआ और उसने समरांगण में शिनिवंशी सात्यकि का वध कर दिया ॥19॥   |   mahabharat अध्याय 7.144: सात्यकिके भूरिश्रवाद्वारा अपमानित होनेका कारण तथा वृष्णिवंशी वीरोंकी प्रशंसा   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 144: सात्यकिके भूरिश्रवाद्वारा अपमानित होनेका कारण तथा वृष्णिवंशी वीरोंकी प्रशंसा  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  7.144.19 
स तेन वरदानेन लब्धवान् भूरिदक्षिणम्।
अपातयच्च समरे सौमदत्ति: शिने: सुतम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
उसी वरदान के प्रभाव से सोमदत्त को प्रचुर दक्षिणा देने वाला भूरिश्रवा पुत्र प्राप्त हुआ और उसने समरांगण में शिनिवंशी सात्यकि का वध कर दिया ॥19॥
 
Due to the same boon, Somdutt got Bhurishrava as his son who gave abundant dakshina and he killed Satyaki, the descendant of Shini, in Samarangana. 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)