श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 144: सात्यकिके भूरिश्रवाद्वारा अपमानित होनेका कारण तथा वृष्णिवंशी वीरोंकी प्रशंसा  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  7.144.13 
शिनिना सोमदत्तस्तु प्रसह्य भुवि पातित:।
असिमुद्यम्य केशेषु प्रगृह्य च पदा हत:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
तब शिनीनी ने सोमदत्त को जोर से भूमि पर पटक दिया, अपनी तलवार उठाई, उसके केश पकड़े और उसे लात मारी॥13॥
 
Thereupon Shinini threw Somadatta forcefully on the ground, picked up his sword, caught hold of his hair and kicked him.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)