Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.144.11: नरश्रेष्ठ! नरेश्वर! उस समय तेजस्वी योद्धा सोमदत्त ने जब देवी देवकी को रथ पर बैठे देखा, तो वे शिनि का पराक्रम सहन न कर सके॥11॥ | mahabharat अध्याय 7.144: सात्यकिके भूरिश्रवाद्वारा अपमानित होनेका कारण तथा वृष्णिवंशी वीरोंकी प्रशंसा । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नरश्रेष्ठ! नरेश्वर! उस समय तेजस्वी योद्धा सोमदत्त ने जब देवी देवकी को रथ पर बैठे देखा, तो वे शिनि का पराक्रम सहन न कर सके॥11॥
Narashrestha! Nareshwar! At that time, the brilliant warrior Somdutt could not tolerate the bravery of Shini when he saw Devi Devaki sitting on the chariot. 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥