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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 143: भूरिश्रवाका अर्जुनको उपालम्भ देना, अर्जुनका उत्तर और आमरण अनशनके लिये बैठे हुए भूरिश्रवाका सात्यकिके द्वारा वध  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  7.143.9 
इदं तु नीचाचरितमसत्पुरुषसेवितम्।
कथमाचरितं पार्थ पापकर्म सुदुष्करम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
हे पार्थ! तुमने यह अत्यन्त पापमय कर्म कैसे किया, जो नीच पुरुषों द्वारा किया गया है और दुष्ट पुरुषों द्वारा सेवित है?॥9॥
 
Partha, how did you commit this extremely sinful act, committed by vile men and served by evil men?॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)