Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.143.62-63h: मैंने पहले ही प्रतिज्ञा कर ली है कि जो कोई भी मुझे युद्धभूमि में पटकने के बाद जीवित अवस्था में मेरा अपमान करेगा अथवा क्रोध में आकर मुझे लात मारेगा, वह शत्रु मेरे द्वारा अवश्य मारा जाएगा, भले ही वह मुनि के समान मौन व्रत धारण किए हुए ही क्यों न हो। | mahabharat अध्याय 7.143: भूरिश्रवाका अर्जुनको उपालम्भ देना, अर्जुनका उत्तर और आमरण अनशनके लिये बैठे हुए भूरिश्रवाका सात्यकिके द्वारा वध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मया त्वेतत् प्रतिज्ञातं क्षेपे कस्मिंश्चिदेव हि।
यो मां निष्पिष्य संग्रामे जीवन् हन्यात् पदा रुषा॥ ६२॥
स मे वध्यो भवेच्छत्रुर्यद्यपि स्यान्मुनिव्रत:।
अनुवाद
मैंने पहले ही प्रतिज्ञा कर ली है कि जो कोई भी मुझे युद्धभूमि में पटकने के बाद जीवित अवस्था में मेरा अपमान करेगा अथवा क्रोध में आकर मुझे लात मारेगा, वह शत्रु मेरे द्वारा अवश्य मारा जाएगा, भले ही वह मुनि के समान मौन व्रत धारण किए हुए ही क्यों न हो।
I have already vowed that whoever will insult me or kick me in anger while I am alive after throwing me on the battlefield, that enemy will surely be killed by me even if he is observing silence like a sage.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥