Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.143.60: सात्यकि बोले - हे अधर्मी और धर्म का वेश धारण किये हुए खड़े पापात्माओं! इस समय धर्म की बातें करते हुए तुम मुझसे बार-बार कह रहे हो कि 'मत मारो, मत मारो', इसका उत्तर मुझसे सुनो। | mahabharat अध्याय 7.143: भूरिश्रवाका अर्जुनको उपालम्भ देना, अर्जुनका उत्तर और आमरण अनशनके लिये बैठे हुए भूरिश्रवाका सात्यकिके द्वारा वध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सात्यकिरुवाच
न हन्तव्यो न हन्तव्य इति यन्मां प्रभाषत।
धर्मवादैरधर्मिष्ठा धर्मकञ्चुकमास्थिता:॥ ६०॥
अनुवाद
सात्यकि बोले - हे अधर्मी और धर्म का वेश धारण किये हुए खड़े पापात्माओं! इस समय धर्म की बातें करते हुए तुम मुझसे बार-बार कह रहे हो कि 'मत मारो, मत मारो', इसका उत्तर मुझसे सुनो।
Satyaki said - You sinful souls who are unrighteous and are standing wearing the garb of religion! At this time while talking about religion you are repeatedly telling me that 'Don't kill, don't kill' listen to the answer of that from me. 60.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥