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mahabharat 7.143.54: जिसकी भुजा अर्जुन ने युद्धभूमि में काट दी थी और जो मरणव्रत का पालन कर रहा था, उस भूरिश्रवा पर सात्यकि ने तलवार से आक्रमण करके उसका सिर काट डाला ॥54॥   |   mahabharat अध्याय 7.143: भूरिश्रवाका अर्जुनको उपालम्भ देना, अर्जुनका उत्तर और आमरण अनशनके लिये बैठे हुए भूरिश्रवाका सात्यकिके द्वारा वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 143: भूरिश्रवाका अर्जुनको उपालम्भ देना, अर्जुनका उत्तर और आमरण अनशनके लिये बैठे हुए भूरिश्रवाका सात्यकिके द्वारा वध  »  श्लोक 54
 
 
श्लोक  7.143.54 
प्रायोपविष्टाय रणे पार्थेन छिन्नबाहवे।
सात्यकि: कौरवेयाय खड्गेनापाहरच्छिर:॥ ५४॥
 
 
अनुवाद
जिसकी भुजा अर्जुन ने युद्धभूमि में काट दी थी और जो मरणव्रत का पालन कर रहा था, उस भूरिश्रवा पर सात्यकि ने तलवार से आक्रमण करके उसका सिर काट डाला ॥54॥
 
Satyaki attacked Bhurishrava, whose arm had been cut off by Arjun on the battlefield and who was observing a fast till death, with his sword and beheaded him. ॥54॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)