Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.143.46: उस समय अर्जुन बोले - हे शल्क के बड़े भाई भूरिश्रवाजी! धर्मराज युधिष्ठिर, बलवानों में श्रेष्ठ भीमसेन, नकुल और सहदेव पर मेरा जो प्रेम है, वही प्रेम आप पर भी है॥ 46॥ | mahabharat अध्याय 7.143: भूरिश्रवाका अर्जुनको उपालम्भ देना, अर्जुनका उत्तर और आमरण अनशनके लिये बैठे हुए भूरिश्रवाका सात्यकिके द्वारा वध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अर्जुन उवाच
या प्रीतिर्धर्मराजे मे भीमे च बलिनां वरे।
नकुले सहदेवे च सा मे त्वयि शलाग्रज॥ ४६॥
अनुवाद
उस समय अर्जुन बोले - हे शल्क के बड़े भाई भूरिश्रवाजी! धर्मराज युधिष्ठिर, बलवानों में श्रेष्ठ भीमसेन, नकुल और सहदेव पर मेरा जो प्रेम है, वही प्रेम आप पर भी है॥ 46॥
At that time Arjun said - O elder brother of Shalka, Bhurishravaji! The love I have for Dharmaraja Yudhishthira, the best of the strong Bhimasena, Nakula and Sahadeva, I have the same love for you too. ॥ 46॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥