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mahabharat 7.143.38: राजन! जब आपके पुत्र भूरिश्रवा के समान निन्दनीय वचन कहने लगे, तब अर्जुन अपने और भूरिश्रवा के वचनों को मन में धारण न कर सका॥38॥   |   mahabharat अध्याय 7.143: भूरिश्रवाका अर्जुनको उपालम्भ देना, अर्जुनका उत्तर और आमरण अनशनके लिये बैठे हुए भूरिश्रवाका सात्यकिके द्वारा वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 143: भूरिश्रवाका अर्जुनको उपालम्भ देना, अर्जुनका उत्तर और आमरण अनशनके लिये बैठे हुए भूरिश्रवाका सात्यकिके द्वारा वध  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  7.143.38 
तांस्तथावादिनो राजन् पुत्रांस्तव धनंजय:।
अमृष्यमाणो मनसा तेषां तस्य च भाषितम्॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
राजन! जब आपके पुत्र भूरिश्रवा के समान निन्दनीय वचन कहने लगे, तब अर्जुन अपने और भूरिश्रवा के वचनों को मन में धारण न कर सका॥38॥
 
Rajan! When your sons started saying blasphemous words like Bhurishrava, then Arjun could not bear his and Bhurishrava's words in his mind. 38॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)