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mahabharat 7.143.31: इसीलिए तुमने युद्धस्थल में तलवार से उसका सिर काट डालना चाहा था। सात्यकि को ऐसे संकट में देखकर मेरी ओर से कौन वीर इसे सहन कर सकेगा?॥31॥   |   mahabharat अध्याय 7.143: भूरिश्रवाका अर्जुनको उपालम्भ देना, अर्जुनका उत्तर और आमरण अनशनके लिये बैठे हुए भूरिश्रवाका सात्यकिके द्वारा वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 143: भूरिश्रवाका अर्जुनको उपालम्भ देना, अर्जुनका उत्तर और आमरण अनशनके लिये बैठे हुए भूरिश्रवाका सात्यकिके द्वारा वध  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  7.143.31 
यदिच्छसि शिरश्चास्य असिना हन्तुमाहवे।
तथा कृच्छ्रगतं चैव सात्यकिं क: क्षमिष्यति॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
इसीलिए तुमने युद्धस्थल में तलवार से उसका सिर काट डालना चाहा था। सात्यकि को ऐसे संकट में देखकर मेरी ओर से कौन वीर इसे सहन कर सकेगा?॥31॥
 
That is why you wanted to cut off his head with the sword on the battlefield. Seeing Satyaki in such trouble, which brave man from my side would endure it?॥ 31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)