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mahabharat 7.143.3: कुंतीकुमार अर्जुन से स्वयं को पराजित देखकर कुरुवंश के भूरिश्रवण क्रोधित हो गये और सात्यकि को छोड़कर पांडु नंदन अर्जुन की निन्दा करने लगे। 3॥   |   mahabharat अध्याय 7.143: भूरिश्रवाका अर्जुनको उपालम्भ देना, अर्जुनका उत्तर और आमरण अनशनके लिये बैठे हुए भूरिश्रवाका सात्यकिके द्वारा वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 143: भूरिश्रवाका अर्जुनको उपालम्भ देना, अर्जुनका उत्तर और आमरण अनशनके लिये बैठे हुए भूरिश्रवाका सात्यकिके द्वारा वध  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  7.143.3 
स मोघं कृतमात्मानं दृष्ट्वा पार्थेन कौरव:।
उत्सृज्य सात्यकिं क्रोधाद् गर्हयामास पाण्डवम्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
कुंतीकुमार अर्जुन से स्वयं को पराजित देखकर कुरुवंश के भूरिश्रवण क्रोधित हो गये और सात्यकि को छोड़कर पांडु नंदन अर्जुन की निन्दा करने लगे। 3॥
 
Seeing himself defeated by Kuntikumar Arjun, Bhurishravane of Kuru dynasty became angry and said, leaving Satyaki and criticizing Pandu Nandan Arjun. 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)