Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.143.14: ऐसा कौन पुरुष है जो युद्ध करते हुए असावधान योद्धा को ऐसा कष्ट दे सकता है? ऐसा कार्य वह नहीं कर सकता जो श्रीकृष्ण का मित्र न हो॥14॥ | mahabharat अध्याय 7.143: भूरिश्रवाका अर्जुनको उपालम्भ देना, अर्जुनका उत्तर और आमरण अनशनके लिये बैठे हुए भूरिश्रवाका सात्यकिके द्वारा वध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
को हि नाम प्रमत्ताय परेण सह युध्यते।
ईदृशं व्यसनं दद्याद् यो न कृष्णसखो भवेत्॥ १४॥
अनुवाद
ऐसा कौन पुरुष है जो युद्ध करते हुए असावधान योद्धा को ऐसा कष्ट दे सकता है? ऐसा कार्य वह नहीं कर सकता जो श्रीकृष्ण का मित्र न हो॥14॥
Who is the man who can cause such trouble to an unwary warrior fighting with another person? Such a deed cannot be committed by one who is not a friend of Sri Krishna.॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥