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श्लोक 7.142.9  |
अद्य युद्धं महाघोरं तव दास्यामि सात्वत।
ततो ज्ञास्यसि तत्त्वेन मद्वीर्यबलपौरुषम्॥ ९॥ |
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| अनुवाद |
| सात्वत! आज मैं तुम्हें अत्यन्त भयंकर युद्ध का अवसर दूँगा। इससे तुम्हें मेरे बल, साहस और पुरुषार्थ का सच्चा ज्ञान होगा।॥9॥ |
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| ‘Saatvat! Today I will give you the opportunity of a very fierce battle. Through this you will get the true knowledge of my strength, courage and manliness.॥ 9॥ |
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