श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 142: भूरिश्रवा और सात्यकिका रोषपूर्वक सम्भाषण और युद्ध तथा सात्यकिका सिर काटनेके लिये उद्यत हुए भूरिश्रवाकी भुजाका अर्जुनद्वारा उच्छेद  »  श्लोक 71
 
 
श्लोक  7.142.71 
इत्युक्त्वा वचनं कुर्वन् वासुदेवस्य पाण्डव:।
तत: क्षुरप्रं निशितं गाण्डीवे समयोजयत्॥ ७१॥
 
 
अनुवाद
ऐसा कहकर भगवान् श्रीकृष्ण की आज्ञा मानकर पाण्डु नन्दन अर्जुन ने गाण्डीव धनुष पर एक तीक्ष्ण नोक चढ़ा दी ॥71॥
 
Saying this, following the orders of Lord Shri Krishna, Pandu Nandan Arjun placed a sharp tip on Gandiva's bow. 71॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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