श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 142: भूरिश्रवा और सात्यकिका रोषपूर्वक सम्भाषण और युद्ध तथा सात्यकिका सिर काटनेके लिये उद्यत हुए भूरिश्रवाकी भुजाका अर्जुनद्वारा उच्छेद  »  श्लोक 69
 
 
श्लोक  7.142.69 
एवं तु मनसा राजन् पार्थ: सम्पूज्य कौरवम्।
वासुदेवं महाबाहुरर्जुन: प्रत्यभाषत॥ ६९॥
 
 
अनुवाद
राजन! इस प्रकार मन ही मन उस कुरुवंशी वीर पुरुष की प्रशंसा करते हुए महाबाहु कुन्तीकुमार अर्जुन ने भगवान श्रीकृष्ण से कहा - 69॥
 
Rajan! In this way, praising that Kuruvanshi brave man in his heart, the mighty-armed Kuntikumar Arjun said to Lord Krishna - 69॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)