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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 142: भूरिश्रवा और सात्यकिका रोषपूर्वक सम्भाषण और युद्ध तथा सात्यकिका सिर काटनेके लिये उद्यत हुए भूरिश्रवाकी भुजाका अर्जुनद्वारा उच्छेद  »  श्लोक 54
 
 
श्लोक  7.142.54 
परिश्रान्तं गतं भूमौ कृत्वा कर्म सुदुष्करम्।
तवान्तेवासिनं वीरं पालयार्जुन सात्यकिम्॥ ५४॥
 
 
अनुवाद
वह अत्यंत कठिन कार्य करते हुए थककर भूमि पर गिर पड़ा है। अर्जुन! वीर सात्यकि आपका शिष्य है। कृपया उसकी रक्षा करें।'
 
He has fallen on the ground, exhausted and worn out from the exertion of performing a very difficult task. Arjuna! The brave Satyaki is your disciple. Please protect him.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)