श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 142: भूरिश्रवा और सात्यकिका रोषपूर्वक सम्भाषण और युद्ध तथा सात्यकिका सिर काटनेके लिये उद्यत हुए भूरिश्रवाकी भुजाका अर्जुनद्वारा उच्छेद  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  7.142.5 
अद्य मद्‍बाणनिर्दग्धं पतितं धरणीतले।
द्रक्ष्यतस्त्वां रणे वीरौ सहितौ केशवार्जुनौ॥ ५॥
 
 
अनुवाद
आज युद्ध में वीर श्रीकृष्ण और अर्जुन दोनों मिलकर तुम्हें मेरे बाणों से जला हुआ भूमि पर पड़ा हुआ देखेंगे॥5॥
 
Today in the war both the brave Sri Krishna and Arjuna will together see you lying on the ground, burnt by my arrows. ॥ 5॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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