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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 142: भूरिश्रवा और सात्यकिका रोषपूर्वक सम्भाषण और युद्ध तथा सात्यकिका सिर काटनेके लिये उद्यत हुए भूरिश्रवाकी भुजाका अर्जुनद्वारा उच्छेद  »  श्लोक 47
 
 
श्लोक  7.142.47 
द्वात्रिंशत्करणानि स्युर्यानि युद्धानि भारत।
तान्यदर्शयतां तत्र युध्यमानौ महाबलौ॥ ४७॥
 
 
अनुवाद
भरत! इस प्रकार वे दोनों महाबली वीर आपस में कुश्ती लड़ते हुए बत्तीसों कलाओं का प्रदर्शन करने लगे।
 
Bhaarata! Thus, those two mighty heroes began to display the thirty-two arts of wrestling while grappling with each other.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)