Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.142.37-38: दोनों वीर विचित्र प्रकार से उछल-कूद कर रहे थे, एक-दूसरे के शरीर में छेद (आक्रमण के अवसर) ढूँढ़ने की इच्छा से। दोनों अपनी विद्या, चपलता और युद्ध-कौशल का परिचय देते हुए रणभूमि में एक-दूसरे को घसीट रहे थे। दोनों ही योद्धाओं में श्रेष्ठ थे। 37-38। | mahabharat अध्याय 7.142: भूरिश्रवा और सात्यकिका रोषपूर्वक सम्भाषण और युद्ध तथा सात्यकिका सिर काटनेके लिये उद्यत हुए भूरिश्रवाकी भुजाका अर्जुनद्वारा उच्छेद । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दोनों वीर विचित्र प्रकार से उछल-कूद कर रहे थे, एक-दूसरे के शरीर में छेद (आक्रमण के अवसर) ढूँढ़ने की इच्छा से। दोनों अपनी विद्या, चपलता और युद्ध-कौशल का परिचय देते हुए रणभूमि में एक-दूसरे को घसीट रहे थे। दोनों ही योद्धाओं में श्रेष्ठ थे। 37-38।
Both the heroes were jumping and leaping in a strange manner, wishing to find holes in each other's body (opportunities to attack). Both were pulling each other in the battlefield, showing their education, agility and war skills. Both of them were the best among the warriors. 37-38.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥