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mahabharat 7.142.32-33h: उन दोनों ने अपने-अपने घोड़े मार डाले और धनुष काट डाले और उस महासमर में रथहीन होकर वे दोनों तलवार चलाने के लिए एक दूसरे के आमने-सामने आ खड़े हुए। 32 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.142: भूरिश्रवा और सात्यकिका रोषपूर्वक सम्भाषण और युद्ध तथा सात्यकिका सिर काटनेके लिये उद्यत हुए भूरिश्रवाकी भुजाका अर्जुनद्वारा उच्छेद   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 142: भूरिश्रवा और सात्यकिका रोषपूर्वक सम्भाषण और युद्ध तथा सात्यकिका सिर काटनेके लिये उद्यत हुए भूरिश्रवाकी भुजाका अर्जुनद्वारा उच्छेद  »  श्लोक 32-33h
 
 
श्लोक  7.142.32-33h 
अन्योन्यस्य हयान् हत्वा धनुषी विनिकृत्य च॥ ३२॥
विरथावसियुद्धाय समेयातां महारणे।
 
 
अनुवाद
उन दोनों ने अपने-अपने घोड़े मार डाले और धनुष काट डाले और उस महासमर में रथहीन होकर वे दोनों तलवार चलाने के लिए एक दूसरे के आमने-सामने आ खड़े हुए। 32 1/2॥
 
Both of them killed their horses and cut off their bows and in that great battle, both of them, being chariotless, came face to face with each other for a sword fight. 32 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)