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mahabharat 7.142.30-31h: सात्यकि और भूरिश्रवा एक दूसरे पर बाणों की वर्षा कर रहे थे और धृतराष्ट्र के सभी पुत्र हर्षपूर्वक उनके युद्ध का दृश्य देख रहे थे ॥30 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.142: भूरिश्रवा और सात्यकिका रोषपूर्वक सम्भाषण और युद्ध तथा सात्यकिका सिर काटनेके लिये उद्यत हुए भूरिश्रवाकी भुजाका अर्जुनद्वारा उच्छेद   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 142: भूरिश्रवा और सात्यकिका रोषपूर्वक सम्भाषण और युद्ध तथा सात्यकिका सिर काटनेके लिये उद्यत हुए भूरिश्रवाकी भुजाका अर्जुनद्वारा उच्छेद  »  श्लोक 30-31h
 
 
श्लोक  7.142.30-31h 
सात्यकि: सौमदत्तिश्च शरवृष्टॺा परस्परम्॥ ३०॥
हृष्टवद् धार्तराष्ट्राणां पश्यतामभ्यवर्षताम्।
 
 
अनुवाद
सात्यकि और भूरिश्रवा एक दूसरे पर बाणों की वर्षा कर रहे थे और धृतराष्ट्र के सभी पुत्र हर्षपूर्वक उनके युद्ध का दृश्य देख रहे थे ॥30 1/2॥
 
Satyaki and Bhurishrava were showering arrows on each other and all the sons of Dhritarashtra were watching the scene of their battle with joy. ॥ 30 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)