Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.142.27-28h: वे दोनों वीर प्राणों की बाजी लगाकर युद्ध का जुआ खेलते हुए एक दूसरे को रोकने लगे, एक दूसरे के अंग फाड़ने लगे और रक्त बहाने लगे। | mahabharat अध्याय 7.142: भूरिश्रवा और सात्यकिका रोषपूर्वक सम्भाषण और युद्ध तथा सात्यकिका सिर काटनेके लिये उद्यत हुए भूरिश्रवाकी भुजाका अर्जुनद्वारा उच्छेद । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
निर्भिन्दन्तौ हि गात्राणि विक्षरन्तौ च शोणितम्॥ २७॥
व्यष्टम्भयेतामन्योन्यं प्राणद्यूताभिदेविनौ।
अनुवाद
वे दोनों वीर प्राणों की बाजी लगाकर युद्ध का जुआ खेलते हुए एक दूसरे को रोकने लगे, एक दूसरे के अंग फाड़ने लगे और रक्त बहाने लगे।
Both those heroes, playing the gamble of war with their lives at stake, started to stop each other, ripping each other's limbs and causing blood to flow. 27 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥