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mahabharat 7.142.21-22h: भूरिश्रवा और सात्यकि दोनों शत्रु योद्धा एक दूसरे पर दो बादलों के समान भयंकर बाणों की वर्षा करने लगे ॥21 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.142: भूरिश्रवा और सात्यकिका रोषपूर्वक सम्भाषण और युद्ध तथा सात्यकिका सिर काटनेके लिये उद्यत हुए भूरिश्रवाकी भुजाका अर्जुनद्वारा उच्छेद   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 142: भूरिश्रवा और सात्यकिका रोषपूर्वक सम्भाषण और युद्ध तथा सात्यकिका सिर काटनेके लिये उद्यत हुए भूरिश्रवाकी भुजाका अर्जुनद्वारा उच्छेद  »  श्लोक 21-22h
 
 
श्लोक  7.142.21-22h 
भूरिश्रवा: सात्यकिश्च ववर्षतुररिंदमौ॥ २१॥
शरवर्षाणि घोराणि मेघाविव परस्परम्।
 
 
अनुवाद
भूरिश्रवा और सात्यकि दोनों शत्रु योद्धा एक दूसरे पर दो बादलों के समान भयंकर बाणों की वर्षा करने लगे ॥21 1/2॥
 
Bhurishrava and Satyaki, both the enemy warriors, started raining fierce arrows on each other like two clouds. 21 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)