|
| |
| |
श्लोक 7.142.13  |
मच्चक्षुर्विषयं प्राप्तो न त्वं माधव मोक्ष्यसे।
सिंहस्य विषयं प्राप्तो यथा क्षुद्रमृगस्तथा॥ १३॥ |
| |
| |
| अनुवाद |
| ‘माधव! जैसे सिंह के सामने आने पर छोटा-सा हिरण जीवित नहीं रह सकता, वैसे ही मेरी आँखों के सामने आने पर तुम भी जीवित नहीं रह सकोगे।’॥13॥ |
| |
| ‘Madhava! Just like a small deer cannot survive after coming in the sight of a lion, similarly, you will not be able to survive after coming in front of my eyes.’॥ 13॥ |
| ✨ ai-generated |
| |
|