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mahabharat 7.142.10: जैसे पूर्वकाल में रावण के पुत्र इन्द्रजीत को भगवान राम के भाई लक्ष्मण ने युद्ध में मार डाला था, उसी प्रकार इस युद्धभूमि में मेरे द्वारा मारे जाने के पश्चात् तुम आज ही यमराज की संयमपुरी के लिए प्रस्थान करोगे।   |   mahabharat अध्याय 7.142: भूरिश्रवा और सात्यकिका रोषपूर्वक सम्भाषण और युद्ध तथा सात्यकिका सिर काटनेके लिये उद्यत हुए भूरिश्रवाकी भुजाका अर्जुनद्वारा उच्छेद   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 142: भूरिश्रवा और सात्यकिका रोषपूर्वक सम्भाषण और युद्ध तथा सात्यकिका सिर काटनेके लिये उद्यत हुए भूरिश्रवाकी भुजाका अर्जुनद्वारा उच्छेद  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  7.142.10 
अद्य संयमनीं याता मया त्वं निहतो रणे।
यथा रामानुजेनाजौ रावणिर्लक्ष्मणेन ह॥ १०॥
 
 
अनुवाद
जैसे पूर्वकाल में रावण के पुत्र इन्द्रजीत को भगवान राम के भाई लक्ष्मण ने युद्ध में मार डाला था, उसी प्रकार इस युद्धभूमि में मेरे द्वारा मारे जाने के पश्चात् तुम आज ही यमराज की संयमपुरी के लिए प्रस्थान करोगे।
 
Just as in the past, Ravana's son Indrajit was killed in a war by Lord Rama's brother Lakshman, similarly, after being killed by me in this battlefield, you will depart for Yamaraja's Sanyamanipuri today itself.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)