श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 141: सात्यकिका अद्भुत पराक्रम, श्रीकृष्णका अर्जुनको सात्यकिके आगमनकी सूचना देना और अर्जुनकी चिन्ता  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  7.141.27 
न हि जानामि वृत्तान्तं धर्मराजस्य केशव।
सात्वतेन विहीन: स यदि जीवति वा न वा॥ २७॥
 
 
अनुवाद
केशव! मैं नहीं जानता कि धर्मराज की क्या दशा है। सत्य से रहित होने के कारण वे जीवित भी हैं या नहीं?॥ 27॥
 
‘Keshav! I don’t know what is the condition of Dharamraj. Is he alive or not, being devoid of truth?॥ 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)