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mahabharat 7.141.10: तब अकल्पनीय बल और पराक्रम से संपन्न महाबली सात्यकि ने उनसे युद्ध करके दो घड़ी में ही उन्हें परास्त कर दिया। फिर वे कलिंग के सैनिकों से युद्ध करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 7.141: सात्यकिका अद्भुत पराक्रम, श्रीकृष्णका अर्जुनको सात्यकिके आगमनकी सूचना देना और अर्जुनकी चिन्ता   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 141: सात्यकिका अद्भुत पराक्रम, श्रीकृष्णका अर्जुनको सात्यकिके आगमनकी सूचना देना और अर्जुनकी चिन्ता  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  7.141.10 
तैर्व्यवाहरदार्यात्मा मुहूर्तादेव सात्यकि:।
तत: कलिङ्गैर्युयुधे सोऽचिन्त्यबलविक्रम:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
तब अकल्पनीय बल और पराक्रम से संपन्न महाबली सात्यकि ने उनसे युद्ध करके दो घड़ी में ही उन्हें परास्त कर दिया। फिर वे कलिंग के सैनिकों से युद्ध करने लगे।
 
Then the great man Satyaki, endowed with unimaginable strength and valour, fought with them and defeated them in two hours. Then he started fighting with the soldiers of Kalinga.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)