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mahabharat 7.140.9: संजय बोले - हे राजन! जब पुरुषों में श्रेष्ठ भीमसेन अर्जुन के पास जा रहे थे, तब कर्ण उन्हें पूर्वोक्त प्रकार से पीड़ा देने लगा। उन्हें उस अवस्था में देखकर शिनिवंश के प्रधान योद्धा सात्यकि भीमसेन की सहायता के लिए रथ द्वारा उस वीर समूह के पीछे-पीछे चले।   |   mahabharat अध्याय 7.140: सात्यकिद्वारा राजा अलम्बुषका और दु:शासनके घोड़ोंका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 140: सात्यकिद्वारा राजा अलम्बुषका और दु:शासनके घोड़ोंका वध  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  7.140.9 
संजय उवाच
तथा तु वैकर्तनपीडितं तं
भीमं प्रयान्तं पुरुषप्रवीरम्।
समीक्ष्य राजन् नरवीरमध्ये
शिनिप्रवीरोऽनुययौ रथेन॥ ९॥
 
 
अनुवाद
संजय बोले - हे राजन! जब पुरुषों में श्रेष्ठ भीमसेन अर्जुन के पास जा रहे थे, तब कर्ण उन्हें पूर्वोक्त प्रकार से पीड़ा देने लगा। उन्हें उस अवस्था में देखकर शिनिवंश के प्रधान योद्धा सात्यकि भीमसेन की सहायता के लिए रथ द्वारा उस वीर समूह के पीछे-पीछे चले।
 
Sanjaya said - O King! When Bhimasena, the foremost of men, was going to Arjuna, he started getting tormented by Karna in the aforesaid manner. Seeing him in that condition, Satyaki, the chief warrior of the Shini clan, followed that group of brave men in a chariot to help Bhimasena.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)