श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 140: सात्यकिद्वारा राजा अलम्बुषका और दु:शासनके घोड़ोंका वध  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  7.140.5 
अप्रियं सुमहत् कृत्वा सिन्धुराज: किरीटिन:।
चक्षुर्विषयमापन्न: कथं जीवितमाप्नुयात्॥ ५॥
 
 
अनुवाद
सिन्धुराज जयद्रथ अब कैसे जीवित रह सकता है, जब वह किरीटधारी अर्जुन को महान् कष्ट देकर उनके सामने प्रकट हुआ है ॥5॥
 
How can Jayadratha, the king of Sindhu, remain alive now, when he has appeared before the eyes of the crown-wearing Arjuna, after causing him great displeasure? ॥ 5॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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