श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 140: सात्यकिद्वारा राजा अलम्बुषका और दु:शासनके घोड़ोंका वध  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  7.140.3 
ताभ्यामूर्जितवीर्याभ्यामाप्यायितपराक्रम:।
सहित: कृष्णभीमाभ्यां शिनीनामृषभेण च॥ ३॥
 
 
अनुवाद
पराक्रमी श्रीकृष्ण, भीमसेन तथा महारथी सात्यकि के साथ रहकर अर्जुन का बल और पराक्रम और भी बढ़ गया है॥3॥
 
Being with the mighty Sri Krishna and Bhimasena as well as the great warrior Satyaki, Arjuna's strength and valour have increased even further. ॥ 3॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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