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mahabharat 7.140.17: इस प्रकार अलम्बुष द्वारा घायल होकर शिनि के पौत्र सात्यकि ने, जो चक्रधारी भगवान विष्णु के समान पराक्रमी और वेगवान थे, अपने चार अत्यन्त वेगवान बाणों से राजा अलम्बुष के चारों घोड़ों को मार डाला।   |   mahabharat अध्याय 7.140: सात्यकिद्वारा राजा अलम्बुषका और दु:शासनके घोड़ोंका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 140: सात्यकिद्वारा राजा अलम्बुषका और दु:शासनके घोड़ोंका वध  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  7.140.17 
तथा तु तेनाभिहतस्तरस्वी
नप्ता शिनेश्चक्रधरप्रभाव:।
अलम्बुषस्योत्तमवेगवद्भि-
रश्वांश्चतुर्भिर्निजघान बाणै:॥ १७॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार अलम्बुष द्वारा घायल होकर शिनि के पौत्र सात्यकि ने, जो चक्रधारी भगवान विष्णु के समान पराक्रमी और वेगवान थे, अपने चार अत्यन्त वेगवान बाणों से राजा अलम्बुष के चारों घोड़ों को मार डाला।
 
Thus, being wounded by Alambusha, Satyaki, the grandson of Shini, who was as powerful and swift as the discus-bearing Vishnu, killed all the four horses of King Alambusha with his four very fast arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)