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mahabharat 7.140.16: अम्बुष ने अग्नि और वायु के समान प्रचण्ड तीक्ष्ण बाणों द्वारा सात्यकि के शरीर को घायल करके उसके चाँदी के समान चमकने वाले चार घोड़ों को भी सहसा चार बाणों से घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.140: सात्यकिद्वारा राजा अलम्बुषका और दु:शासनके घोड़ोंका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 140: सात्यकिद्वारा राजा अलम्बुषका और दु:शासनके घोड़ोंका वध  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  7.140.16 
तै: कायमस्याग्न्यनिलप्रभावै-
र्विदार्य बाणैर्निशितैर्ज्वलद्भि:।
आजघ्निवांस्तान् रजतप्रकाशा-
नश्वांश्चतुर्भिश्चतुर: प्रसह्य॥ १६॥
 
 
अनुवाद
अम्बुष ने अग्नि और वायु के समान प्रचण्ड तीक्ष्ण बाणों द्वारा सात्यकि के शरीर को घायल करके उसके चाँदी के समान चमकने वाले चार घोड़ों को भी सहसा चार बाणों से घायल कर दिया।
 
Having pierced Satyaki's body with those blazing sharp arrows, which were as powerful as fire and wind, Alambusha also suddenly wounded his four horses, shining like silver, with four arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)