श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 140: सात्यकिद्वारा राजा अलम्बुषका और दु:शासनके घोड़ोंका वध  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  7.140.14 
आविध्यदेनं दशभि: पृषत्कै-
रलम्बुषो राजवर: प्रसह्य।
अनागतानेव तु तान् पृषत्कां-
श्चिच्छेद बाणै: शिनिपुङ्गवोऽपि॥ १४॥
 
 
अनुवाद
राजाओं में श्रेष्ठ अलम्बुष ने सात्यकि पर बलपूर्वक दस बाण छोड़े। महाबली सात्यकि ने भी उन सब बाणों को अपने पास पहुँचने से पहले ही काट डाला॥14॥
 
Alambusha, the best of kings, forcefully shot ten arrows at Satyaki. The great Satyaki also cut down all the arrows before they could reach him.॥ 14॥
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