Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.14.77: सिन्धुराज जयद्रथ को छोड़कर शेष शत्रु योद्धाओं का नाश करने वाले सुभद्राकुमार उस सेना को उसी प्रकार कष्ट देने लगे, जैसे सूर्य सम्पूर्ण जगत् को तपा देता है ॥77॥ | mahabharat अध्याय 7.14: द्रोणका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका द्वन्द्वयुद्ध, रणनदीका वर्णन तथा अभिमन्युकी वीरता । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सिन्धुराज जयद्रथ को छोड़कर शेष शत्रु योद्धाओं का नाश करने वाले सुभद्राकुमार उस सेना को उसी प्रकार कष्ट देने लगे, जैसे सूर्य सम्पूर्ण जगत् को तपा देता है ॥77॥
Subhadrakumar, the destroyer of enemy warriors, except Sindhuraj Jayadratha, started tormenting that army just as the sun scorches the entire world. 77॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥