श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 14: द्रोणका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका द्वन्द्वयुद्ध, रणनदीका वर्णन तथा अभिमन्युकी वीरता  »  श्लोक 70
 
 
श्लोक  7.14.70 
अवक्षेपोऽसिनिर्ह्राद: शस्त्रान्तरनिदर्शनम्।
बाह्यान्तरनिपातश्च निर्विशेषमदृश्यत॥ ७०॥
 
 
अनुवाद
तलवार का प्रहार, तलवार चलाने की ध्वनि, अन्य अस्त्र-शस्त्रों का प्रदर्शन तथा आन्तरिक एवं बाह्य आघात पहुँचाने में इन दोनों वीरों ने समान योग्यता प्रदर्शित की। 70.
 
The strike of the sword, the sound of wielding the sword, the display of other weapons and inflicting internal and external injuries, both these heroes displayed equal ability. 70.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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